भगवान गणेश जी को हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनसे ही की जाती है, क्योंकि वे विघ्नों को दूर करने वाले और बुद्धि व सफलता देने वाले देव हैं।उनके 108 नामों का जप करना बहुत ही पवित्र और फलदायी माना गया है। हर नाम में एक विशेष शक्ति और आशीर्वाद छिपा होता है।

भगवान गणेश जी, माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने अपने शरीर के उबटन से गणेश जी को बनाया और उन्हें द्वार पर पहरा देने के लिए खड़ा किया। जब भगवान शिव अंदर जाने लगे तो गणेश जी ने उन्हें रोक दिया। इससे क्रोधित होकर शिव जी ने उनका सिर काट दिया। बाद में माता पार्वती के दुख को देखकर शिव जी ने हाथी का सिर लगाकर उन्हें पुनर्जीवित किया। तभी से गणेश जी को गजानन (हाथी मुख वाले) कहा जाता है।
भगवान गणेश जी के 108 पवित्र नाम
भगवान गणेश जी के 108 पवित्र नाम (Ganesh 108 Names) इस प्रकार हैं:
- ॐ गणेशाय नमः
- ॐ एकदन्ताय नमः
- ॐ कपिलाय नमः
- ॐ गजकर्णकाय नमः
- ॐ लम्बोदराय नमः
- ॐ विकटाय नमः
- ॐ विघ्ननाशिने नमः
- ॐ विनायकाय नमः
- ॐ धूम्रकेतवे नमः
- ॐ गणाध्यक्षाय नमः
- ॐ भालचन्द्राय नमः
- ॐ गजाननाय नमः
- ॐ वक्रतुण्डाय नमः
- ॐ शूर्पकर्णाय नमः
- ॐ हेरम्बाय नमः
- ॐ स्कन्दपूर्वजाय नमः
- ॐ सिद्धिविनायकाय नमः
- ॐ सिद्धिदायकाय नमः
- ॐ सिद्धिप्रियाय नमः
- ॐ सिद्धिवर्धनाय नमः
- ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
- ॐ गजवक्त्राय नमः
- ॐ गजाननाय नमः
- ॐ द्विमातुराय नमः
- ॐ मुनिस्तुताय नमः
- ॐ भक्तविघ्नविनाशिने नमः
- ॐ चतुर्भुजाय नमः
- ॐ महागणपतये नमः
- ॐ देवदेवाय नमः
- ॐ शूराय नमः
- ॐ महाबलाय नमः
- ॐ बुद्धिप्रियाय नमः
- ॐ क्षिप्रप्रसादनाय नमः
- ॐ रिद्धिसिद्धिपतये नमः
- ॐ उमापुत्राय नमः
- ॐ अघनाशनाय नमः
- ॐ कुमारगुरवे नमः
- ॐ ईशानपुत्राय नमः
- ॐ मूषकवाहनाय नमः
- ॐ मोदकप्रियाय नमः
- ॐ वरदाय नमः
- ॐ सिद्धिविनायकाय नमः
- ॐ अविघ्नाय नमः
- ॐ शर्वतनयाय नमः
- ॐ पार्वतीनन्दनाय नमः
- ॐ शाश्वताय नमः
- ॐ कृपाकराय नमः
- ॐ शुभाय नमः
- ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः
- ॐ सर्वात्मने नमः
- ॐ विश्वरूपाय नमः
- ॐ हेरम्बाय नमः
- ॐ स्कन्दाग्रजाय नमः
- ॐ महोदराय नमः
- ॐ धूम्रवर्णाय नमः
- ॐ विघ्नराजाय नमः
- ॐ विनायकाय नमः
- ॐ गणनाथाय नमः
- ॐ सुरेश्वराय नमः
- ॐ हरिद्राय नमः
- ॐ शरण्याय नमः
- ॐ वरप्रदाय नमः
- ॐ मंगलमूर्तये नमः
- ॐ प्रमोदाय नमः
- ॐ आनन्दाय नमः
- ॐ सिद्धिपतये नमः
- ॐ श्रीपतये नमः
- ॐ वागीश्वराय नमः
- ॐ चतुर्वेदी नमः
- ॐ चतुर्वक्त्राय नमः
- ॐ सुमुखाय नमः
- ॐ दुर्मुखाय नमः
- ॐ बुद्धिनाथाय नमः
- ॐ गजाधिपाय नमः
- ॐ महाकायाय नमः
- ॐ अजयाय नमः
- ॐ अव्ययाय नमः
- ॐ पुराणपुरुषाय नमः
- ॐ ईश्वराय नमः
- ॐ विघ्नहर्त्रे नमः
- ॐ शुद्धाय नमः
- ॐ शुभगुणाय नमः
- ॐ सच्चिदानन्दाय नमः
- ॐ सर्वज्ञाय नमः
- ॐ सर्वेश्वराय नमः
- ॐ परब्रह्मणे नमः
- ॐ नित्याय नमः
- ॐ अनादये नमः
- ॐ अच्युताय नमः
- ॐ अक्षराय नमः
- ॐ जगदीशाय नमः
- ॐ त्रिलोकेशाय नमः
- ॐ शान्ताय नमः
- ॐ शाश्वताय नमः
- ॐ निर्गुणाय नमः
- ॐ सगुणाय नमः
- ॐ ओंकाराय नमः
- ॐ महेश्वराय नमः
- ॐ सिद्धिस्वरूपाय नमः
- ॐ ज्ञानरूपाय नमः
- ॐ बुद्धिस्वरूपाय नमः
- ॐ विघ्नेश्वराय नमः
- ॐ विघ्नविनाशिने नमः
- ॐ सर्वमंगलाय नमः
- ॐ शुभंकराय नमः
- ॐ मंगलप्रदाय नमः
- ॐ सर्वकार्यसिद्धिदाय नमः
- ॐ श्रीगणेशाय नमः
🙏 इन 108 नामों का जप करने से बुद्धि, सफलता और विघ्नों का नाश होता है।
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भगवान गणेश जी को कई गुणों के कारण विशेष माना जाता है:
- विघ्नहर्ता – जीवन की बाधाओं को दूर करते हैं
- बुद्धि के देवता – ज्ञान और विवेक प्रदान करते हैं
- सिद्धिदाता – सफलता और सिद्धि देते हैं
- मंगलकारी – शुभ और सुख देने वाले
अगर आप गणेश जी के 108 नामों का जप करना चाहते हैं, तो ये आसान तरीका अपनाएं:
- सुबह स्नान करके साफ स्थान पर बैठें
- भगवान गणेश जी की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं
- मन में सच्ची श्रद्धा रखें
- 108 नामों का धीरे-धीरे जाप करें
- अंत में भगवान से अपनी मनोकामना कहें
भगवान गणेश जी के 108 नामों का जप एक सरल लेकिन बहुत शक्तिशाली उपाय है। यह न केवल हमारे जीवन के दुख और बाधाओं को दूर करता है, बल्कि हमें सही दिशा भी देता है। 👉 रोज थोड़ा समय निकालकर गणेश जी का नाम लें, जीवन में शांति, सफलता और खुशियां अपने आप आने लगेंगी। भगवान गणेश जी की पूजा विशेष रूप से बुधवार के दिन की जाती है। इसके अलावा गणेश चतुर्थी पर उनका भव्य उत्सव मनाया जाता है, जिसमें उनकी मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है। उन्हें मोदक और लड्डू बहुत प्रिय हैं, इसलिए भोग में ये जरूर चढ़ाए जाते हैं।