
दीपावली हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कई परंपराओं में माता सरस्वती तथा कुबेर जी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि दीपावली पर श्रद्धापूर्वक पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और शुभता का वातावरण बनता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि दीपावली की पूजा कैसे करें, पूजा में किन-किन सामग्रियों की आवश्यकता होती है और माता लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की पूजा किस क्रम में करनी चाहिए, तो इस लेख में आपको दीपावली पूजा की संपूर्ण विधि सरल हिंदी में मिलेगी।
इस लेख में दीपावली पूजा विधि, लक्ष्मी गणेश पूजा विधि, Diwali Puja Vidhi in Hindi, Deepawali Puja Samagri और Lakshmi Puja Mantra से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है, जिससे आप घर पर पारंपरिक रीति से दीपावली की पूजा कर सकते हैं।
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दीपावली 2026 कब है?
वर्ष 2026 में दीपावली का मुख्य पर्व रविवार, 8 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन कार्तिक अमावस्या के अवसर पर शाम के समय माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है।
दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार, लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त लगभग शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक है। अलग-अलग शहरों में स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त और पंचांग के अनुसार मुहूर्त में अंतर हो सकता है। इसलिए पूजा से पहले अपने शहर का स्थानीय मुहूर्त अवश्य देख लें।
दीपावली की पूजा का महत्व
दीपावली को प्रकाश, नई शुरुआत और सकारात्मकता का पर्व माना जाता है। इस दिन घरों में दीपक जलाए जाते हैं, रंगोली बनाई जाती है और परिवार के सदस्य मिलकर पूजा करते हैं।
माता लक्ष्मी की पूजा धन, समृद्धि और सौभाग्य की कामना के लिए की जाती है। भगवान गणेश की पूजा बुद्धि, विवेक और विघ्नों से मुक्ति की प्रार्थना के लिए की जाती है। व्यापारी वर्ग में इस अवसर पर बही-खातों और कार्यस्थल की पूजा करने की भी परंपरा है।
दीपावली की पूजा का वास्तविक भाव केवल धन की कामना तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार में सुख, सद्भाव, ईमानदारी और अच्छे विचारों को बढ़ावा देना भी है।
दीपावली पूजा सामग्री की सूची
लक्ष्मी-गणेश पूजा से पहले सभी आवश्यक सामग्री एक स्थान पर रख लें। इससे पूजा के दौरान बार-बार उठना नहीं पड़ेगा।
दीपावली पूजा सामग्री में सामान्यतः निम्न वस्तुएँ शामिल होती हैं:
- माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र
- पूजा की चौकी और लाल या पीला कपड़ा
- रोली, कुमकुम, हल्दी और अक्षत
- चंदन और मौली
- ताजे फूल और फूलों की माला
- पान, सुपारी और इलायची
- कलश, स्वच्छ जल और आम के पत्ते, यदि उपलब्ध हों
- दीपक, रुई की बत्ती और घी या तेल
- धूप या अगरबत्ती
- फल, मिठाई और नैवेद्य
- गंगाजल, यदि उपलब्ध हो
- सिक्के या अपनी परंपरा के अनुसार पूजा में रखे जाने वाले धन के प्रतीक
- पूजा की थाली और घंटी
- खील-बताशे, मिठाई और अन्य पारंपरिक प्रसाद
- कमल का फूल या अन्य उपलब्ध पुष्प
सामग्री की मात्रा परिवार की परंपरा और पूजा की विधि के अनुसार रखी जा सकती है। यदि सभी वस्तुएँ उपलब्ध न हों, तो स्वच्छता, श्रद्धा और सरलता के साथ पूजा करें।
दीपावली की पूजा कैसे करें? संपूर्ण लक्ष्मी-गणेश पूजा विधि

घर पर दीपावली की पूजा करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन किया जा सकता है। परिवार की परंपरा के अनुसार विधि में थोड़ा अंतर संभव है।
1. घर और पूजा स्थल की सफाई करें
दीपावली से पहले घर, मंदिर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। पूजा की चौकी पर साफ लाल या पीला कपड़ा बिछाएँ। माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाओं को चौकी पर स्थापित करें।
पूजा स्थल के आसपास सुंदर रंगोली बनाएँ और प्रवेश द्वार को स्वच्छ रखें। धार्मिक मान्यता में स्वच्छ और व्यवस्थित घर को शुभता का प्रतीक माना जाता है।
2. स्नान करके पूजा की तैयारी करें
पूजा से पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। पूजा की सभी सामग्री अपने पास रख लें। इसके बाद शांत मन से पूजा करने का संकल्प लें।
आप मन ही मन प्रार्थना कर सकते हैं कि परिवार में सुख-शांति बनी रहे और सभी को सद्बुद्धि, स्वास्थ्य तथा समृद्धि प्राप्त हो।
3. भगवान गणेश का ध्यान और पूजन करें
हिंदू परंपरा में शुभ कार्यों की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से की जाती है। सबसे पहले भगवान गणेश को प्रणाम करें, तिलक लगाएँ, अक्षत और फूल अर्पित करें।
इसके बाद इस मंत्र का जाप करें:
ॐ गं गणपतये नमः।
मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करते हुए भगवान गणेश से परिवार की बाधाएँ दूर करने और सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना करें।
4. कलश की स्थापना करें
यदि आप अपनी परंपरा के अनुसार कलश स्थापित करते हैं, तो एक स्वच्छ कलश में जल भरें। उसमें सुपारी, अक्षत और सिक्का आदि अपनी पूजा पद्धति के अनुसार रखें। कलश के ऊपर आम के पत्ते और नारियल स्थापित किया जा सकता है।
कलश को पूजा स्थल पर उचित स्थान पर रखें और उसका पूजन करें। कलश स्थापना की विधि परिवार या क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।
5. माता लक्ष्मी का पूजन करें
अब माता लक्ष्मी का ध्यान करें और उनके समक्ष फूल, अक्षत, कुमकुम, चंदन तथा नैवेद्य अर्पित करें। दीपक जलाकर माता से घर में सुख, शांति, सद्बुद्धि और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना करें।
माता लक्ष्मी की पूजा के समय इस मंत्र का जाप कर सकते हैं:
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। इसके बाद माता लक्ष्मी को फल, मिठाई और अपनी परंपरा के अनुसार अन्य प्रसाद अर्पित करें।
6. माता लक्ष्मी और भगवान गणेश को भोग लगाएँ
पूजा के दौरान फल, मिठाई, खील-बताशे या घर में तैयार सात्त्विक प्रसाद अर्पित करें। भोग लगाते समय मन को शांत रखें और भगवान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें।
प्रसाद अर्पित करने के बाद उसे परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों में बाँट सकते हैं।
7. माता सरस्वती और कुबेर जी का स्मरण करें
कई परिवारों में दीपावली की लक्ष्मी पूजा के साथ माता सरस्वती और भगवान कुबेर का भी पूजन किया जाता है।
माता सरस्वती से ज्ञान, विवेक और अच्छी समझ की प्रार्थना करें। भगवान कुबेर का स्मरण करते हुए धन का उचित उपयोग करने, परिश्रम करने और आर्थिक जीवन में अनुशासन बनाए रखने का संकल्प लें।
यह चरण परिवार की प्रचलित पूजा परंपरा के अनुसार किया जा सकता है।
8. दीपक जलाएँ और दीपावली की आरती करें
पूजा के बाद माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें। परिवार के सभी सदस्य आरती में शामिल हो सकते हैं।
आप अपनी परंपरा के अनुसार श्री लक्ष्मी जी की आरती और श्री गणेश जी की आरती गा सकते हैं। आरती के बाद हाथ जोड़कर भगवान से सुख-समृद्धि, शांति और परिवार की मंगलकामना करें।
इसके बाद घर के पूजा स्थल, प्रवेश द्वार और सुरक्षित स्थानों पर दीपक जलाएँ। दीपक इस पर्व पर प्रकाश, आशा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।
9. प्रसाद बाँटें और बड़ों का आशीर्वाद लें
पूजा पूरी होने के बाद परिवार के सदस्यों को प्रसाद दें और घर के बड़ों का आशीर्वाद लें। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और दूसरों के साथ खुशियाँ बाँटना भी दीपावली के उत्सव को सार्थक बनाता है।
इस प्रकार श्रद्धा और सरलता के साथ घर पर दीपावली की पूजा संपन्न की जा सकती है।
दीपावली पूजा के शुभ मंत्र
दीपावली की पूजा में आप अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
1. भगवान गणेश मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः।
2. माता लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
3. माता लक्ष्मी की प्रार्थना
नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।
शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥
इन मंत्रों का जाप करते समय उच्चारण की शुद्धता के साथ श्रद्धा और एकाग्रता बनाए रखने का प्रयास करें।
दीपावली पर लक्ष्मी पूजा किस दिशा में करनी चाहिए?
पूजा की दिशा के संबंध में अलग-अलग परिवारों और धार्मिक परंपराओं में भिन्न मान्यताएँ मिलती हैं। सामान्यतः पूजा स्थल को स्वच्छ और व्यवस्थित रखकर माता लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की प्रतिमाएँ स्थापित की जाती हैं।
यदि आप वास्तु या किसी विशेष धार्मिक पद्धति के अनुसार पूजा करना चाहते हैं, तो अपनी परंपरा के जानकार पुरोहित से दिशा और स्थापना के बारे में सलाह ले सकते हैं। दिशा से संबंधित किसी एक नियम को सभी परिवारों के लिए अनिवार्य मानना उचित नहीं है।
दीपावली की पूजा में किन बातों का ध्यान रखें?
दीपावली पूजा करते समय कुछ सरल बातों का ध्यान रखना उपयोगी है:
- पूजा स्थल को स्वच्छ रखें और सभी सामग्री पहले से तैयार कर लें।
- पूजा के समय शांत मन रखें और परिवार के साथ प्रार्थना करें।
- स्थानीय पंचांग के अनुसार लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त देखें।
- दीपक को पर्दों, कागज और ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
- जलते दीपक और मोमबत्तियों को बच्चों तथा पालतू जानवरों की पहुँच से दूर रखें।
- प्रसाद और भोग स्वच्छता के साथ तैयार करें।
- पूजा में दिखावे के बजाय श्रद्धा, सद्भाव और कृतज्ञता को महत्व दें।
- पटाखों का उपयोग करने के बजाय दीपक, रंगोली और पर्यावरण के अनुकूल सजावट को प्राथमिकता दें।
दीपावली पूजा से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. दीपावली की पूजा कैसे करें?
दीपावली पर सबसे पहले घर और पूजा स्थल की सफाई करें। चौकी पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद गणेश पूजन, लक्ष्मी पूजन, मंत्र जाप, भोग, आरती और दीप प्रज्वलन करें। पूजा की विस्तृत विधि परिवार की परंपरा के अनुसार अपनाई जा सकती है।
2. दीपावली पर सबसे पहले किसकी पूजा करनी चाहिए?
सामान्य हिंदू परंपरा में शुभ कार्यों की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से की जाती है। इसके बाद माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है।
3. दीपावली की पूजा में कौन-कौन सी सामग्री लगती है?
दीपावली पूजा के लिए माता लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा, चौकी, लाल कपड़ा, रोली, अक्षत, फूल, दीपक, घी या तेल, धूप, फल, मिठाई और पूजा की थाली जैसी सामग्री उपयोगी होती है।
4. दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा कब करनी चाहिए?
दीपावली पर सामान्यतः शाम के समय प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश पूजा की जाती है। सटीक शुभ मुहूर्त के लिए अपने शहर के पंचांग को देखना चाहिए।
5. दीपावली पर कौन-सा मंत्र पढ़ना चाहिए?
भगवान गणेश के लिए ‘ॐ गं गणपतये नमः’ और माता लक्ष्मी के लिए ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप किया जा सकता है।
6. क्या दीपावली की पूजा घर पर स्वयं कर सकते हैं?
हाँ, सामान्य लक्ष्मी-गणेश पूजा घर पर स्वयं श्रद्धा और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार की जा सकती है। विस्तृत वैदिक अनुष्ठान के लिए पुरोहित की सहायता ली जा सकती है।
निष्कर्ष
दीपावली केवल दीपक जलाने और घर सजाने का त्योहार नहीं, बल्कि जीवन में प्रकाश, सद्भाव और सकारात्मकता का स्वागत करने का अवसर भी है। दीपावली की पूजा विधि को समझकर आप घर पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा श्रद्धापूर्वक कर सकते हैं।
पूजा में स्वच्छता, एकाग्रता, कृतज्ञता और अच्छे कर्मों का महत्व बनाए रखें। माता लक्ष्मी और भगवान गणेश से प्रार्थना करें कि आपके परिवार में सुख-शांति बनी रहे और सभी को ज्ञान, स्वास्थ्य तथा समृद्धि प्राप्त हो।
आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ। शुभ दीपावली!
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