वेदसार शिव स्तव एक अत्यंत दिव्य स्तोत्र है, जिसे जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने रचा।
यह स्तोत्र भगवान शिव के निराकार (formless), साकार (with form) और परम ब्रह्म स्वरूप का वर्णन करता है।
Vedasar Shiva Stotram is a powerful hymn composed by Adi Shankaracharya, describing Lord Shiva as the ultimate reality — beyond form and yet present in all forms.
🔱 वेदसार शिव स्तव (Sanskrit + Hindi + English Meaning)
🔸 श्लोक 1
पशूनां पतिं पापनाशं परेषां
गजेन्द्रस्य कृतिं वसानं वरेण्यम् ।
जटाजूटमध्ये स्फुरद्गाङ्गवारीं
महादेवमेकं स्मरामि स्मरारिम् ॥1॥
👉 हिन्दी अर्थ:
मैं उस महादेव का ध्यान करता हूँ—
- जो समस्त जीवों के स्वामी हैं
- जो पापों का नाश करते हैं
- जो गजचर्म धारण करते हैं
- जिनकी जटाओं से गंगा प्रवाहित होती है
- जो कामदेव के शत्रु हैं
👉 English Meaning:
I meditate upon Lord Mahadev—
- The Lord of all beings
- The destroyer of sins
- The one who wears elephant skin
- From whose matted locks flows the sacred Ganga
- The enemy of Kama (desire)
🔸 श्लोक 2
महेशं सुरेशं सुरार्तिनाशं
विभुं विश्वनाथं विभूत्यङ्गभूषम् ।
विरूपाक्षमिन्द्वर्कवह्नित्रिनेत्रं
सदानन्दमीशे प्रभुं पंचवक्त्रम् ॥2॥
👉 हिन्दी अर्थ:
- देवों के देव, दुखों का नाश करने वाले
- विभूति से सुशोभित शरीर
- तीन नेत्र (चन्द्र, सूर्य, अग्नि)
- पंचमुखी और आनंदस्वरूप
👉 English Meaning:
- The Lord of gods and remover of suffering
- Adorned with sacred ash
- The three-eyed one (moon, sun, fire)
- The blissful, five-faced divine form
🔸 श्लोक 3
गिरीशं गणेशं गले नीलवर्णं
गवेन्द्राधिरूढं गुणातीतरूपम् ।
भवं भास्वरं भस्मना भूषिताङ्गं
भवानीकलत्रं भजे पंचवक्त्रम् ॥3॥
👉 हिन्दी अर्थ:
- कैलाशपति, नीलकंठ
- नंदी पर सवार
- भस्म से विभूषित
- माता पार्वती के पति
👉 English Meaning:
- Lord of Kailash, the blue-throated one
- Riding Nandi (bull)
- Adorned with sacred ash
- Consort of Goddess Parvati
🔸 श्लोक 4
शिवाकान्त शंभो शशाङ्कार्धमौले
महेशान शूलिन् जटाजूटधारिन् ।
त्वमेको जगद्व्यापको विश्वरूप
प्रसीद प्रसीद प्रभो पूर्णरूप ॥4॥
👉 हिन्दी अर्थ:
हे प्रभु!
आप ही सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में व्याप्त हैं
हम पर कृपा करें
👉 English Meaning:
O Lord!
You alone pervade the entire universe
Please bless us with your grace
🔸 श्लोक 5
परात्मानमेकं जगद्बीजमाद्यं
निरीहं निराकारमोङ्कारवेद्यम् ।
यतो जायते पाल्यते येन विश्वं
तमीशं भजे लीयते यत्र विश्वम् ॥5॥
👉 हिन्दी अर्थ:
- सृष्टि के मूल कारण
- निराकार और निष्काम
- सृष्टि का निर्माण, पालन और अंत आपसे
👉 English Meaning:
- The source of creation
- Formless and desireless
- From whom creation arises, sustains, and dissolves
🔸 श्लोक 6
न भूमिर्न चापो न वह्निर्न वायुः
न चाकाशमस्ते न तन्द्रा न निद्रा ।
न ग्रीष्मो न शीतं न देशो न वेषो
न यस्यास्ति मूर्तिस्तमीशं नमामि ॥6॥
👉 हिन्दी अर्थ:
- पंचतत्वों से परे
- समय, स्थान, रूप से परे
👉 English Meaning:
- Beyond all elements
- Beyond time, place, and form
🔸 श्लोक 7
अजं शाश्वतं कारणं कारणानां
शिवं केवलं भासकं भासकानाम् ।
तुरीयं तमःपारमाद्यन्तहीनं
प्रपद्ये परं पावनं द्वैतहीनम् ॥7॥
👉 हिन्दी अर्थ:
- अजन्मा, शाश्वत
- सभी कारणों का कारण
- अद्वैत और परम सत्य
👉 English Meaning:
- Unborn and eternal
- Cause of all causes
- The non-dual ultimate reality
🔸 श्लोक 8
नमस्ते नमस्ते विभो विश्वमूर्ते
नमस्ते नमस्ते चिदानन्दमूर्ते ।
नमस्ते नमस्ते तपोयोगगम्य
नमस्ते नमस्ते श्रुतिज्ञानगम्य ॥8॥
👉 हिन्दी अर्थ:
हे प्रभु! आपको बार-बार नमस्कार
👉 English Meaning:
Salutations again and again—
To the universal, blissful consciousness
🔸 श्लोक 9
प्रभो शूलपाणे विभो विश्वनाथ
महादेव शम्भो महेश त्रिनेत्र ।
शिवाकान्त शान्त स्मरारे पुरारे
त्वदन्यो वरेण्यो न मान्यो न गण्यम् ॥9॥
👉 हिन्दी अर्थ:
आपके समान कोई नहीं
👉 English Meaning:
There is none greater than you
🔸 श्लोक 10
शम्भो महेश करुणामय शूलपाणे
गौरीपते पशुपते पशुपाशनाशिन् ।
काशीपते करुणया जगदेतदेकः
त्वं हंसि पासि विदधासि महेश्वरोऽसि ॥10॥
👉 हिन्दी अर्थ:
- आप सृष्टि के रक्षक, पालक और संहारक हैं
👉 English Meaning:
- You create, sustain, and destroy the universe
🔸 श्लोक 11
त्वत्तो जगद्भवति देव भव स्मरारे
त्वय्येव तिष्ठति जगन्मृड विश्वनाथ ।
त्वय्येव गच्छति लयं जगदेतदीश
लिङ्गात्मकं हर चराचरविश्व रूपिन् ॥11॥
👉 हिन्दी अर्थ:
- सृष्टि आपसे उत्पन्न होती है
- आपमें स्थित रहती है
- अंत में आपमें ही विलीन हो जाती है
👉 English Meaning:
- The universe arises from you
- Exists in you
- Dissolves back into you
🌸 Benefits | पाठ करने के लाभ
👉 हिन्दी:
✔ मानसिक शांति
✔ पापों का नाश
✔ भय से मुक्ति
✔ शिव कृपा प्राप्ति
👉 English:
✔ Mental peace
✔ Removal of negativity
✔ Protection from fear
✔ Divine blessings of Lord Shiva
🔔 Conclusion | निष्कर्ष
वेदसार शिव स्तव केवल एक स्तुति नहीं है—
👉 यह शिव के अद्वैत ब्रह्म स्वरूप का गहन ज्ञान है।
This stotram is not just a prayer—
👉 It is a direct path to understanding the ultimate reality.
