Skip to content

मानसिक तनाव और हर संकट का अचूक उपाय: श्री हरि स्तोत्रम् (अर्थ सहित)

    सुबह उठकर बस 2 मिनट पढ़ लें ‘श्री हरि स्तोत्रम्’, चमक जाएगी किस्मत, छू मंतर हो जाएगा हर संकट!

    आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई किसी न किसी मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी या पारिवारिक कलह से जूझ रहा है। सनातन धर्म में ऐसी कई दिव्य स्तुतियां हैं, जिनकी केवल ध्वनि सुनने मात्र से ही घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है। इन्हीं में से एक सबसे प्रभावशाली और मधुर स्तुति है—श्री हरि स्तोत्रम् (Shri Hari Stotram)

    shri-hari-stotram-lyrics-meaning
    shri-hari-stotram-lyrics-meaning

    स्वामी ब्रह्मानंद द्वारा रचित यह अष्टक (8 छंदों का समूह) भगवान विष्णु के दिव्य स्वरूप, उनकी शक्ति और उनकी करुणा का अद्भुत वर्णन करता है। आइए जानते हैं इसके संस्कृत श्लोक और उनका हिंदी व अंग्रेजी में गहरा अर्थ।

    Verse 1: The Cosmic Protector

    जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं शरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालम्। नभोनीलकायं दुरावारमायं सुपद्मासहायम् भजेऽहं भजेऽहं॥1॥

    • सरल हिंदी अर्थ: जो पूरे संसार के जाल (ताने-बाने) के पालनकर्ता हैं, जिनके गले में सुंदर माला हिल रही है, जिनका मस्तक शरद ऋतु के चंद्रमा की तरह चमक रहा है और जो बड़े-बड़े दैत्यों के काल (विनाशक) हैं। जिनका शरीर आकाश की तरह नीला है, जिनकी माया को जीतना असंभव है और जो देवी लक्ष्मी (पद्मा) के साथ विराजमान हैं, मैं उन भगवान श्रीहरि को बार-बार भजता हूँ।
    • English Meaning: I worship and bow to Lord Hari, who is the protector of the web of this universe, who wears a swaying garland around His neck, and whose forehead shines like the autumn moon. He is the destroyer of great demons, possesses a sky-blue body, wields an unstoppable cosmic illusion (Maya), and is always accompanied by the Goddess of Wealth, Lakshmi (Padma).

    Verse 2: The Radiant Divine

    सदाम्भोधिवासं गलत्पुष्पहासं जगत्सन्निवासं शतादित्यभासम्। गदाचक्रशस्त्रं लसत्पीतवस्त्रं हसच्चारुवक्त्रं भजेऽहं भजेऽहं॥2॥

    • सरल हिंदी अर्थ: जो हमेशा क्षीरसागर में निवास करते हैं, जिनकी मुस्कान खिले हुए फूल जैसी कोमल है, जो पूरे संसार में वास करते हैं और जिनका तेज सौ सूर्यों के समान है। जो हाथ में गदा और सुदर्शन चक्र धारण करते हैं, जो पीले वस्त्र (पीतांबर) में सुशोभित हैं और जिनका मुख हमेशा प्यारी सी मुस्कान से चमकता है, मैं उन श्रीहरि को भजता हूँ।
    • English Meaning: I worship Lord Hari, who eternally resides in the cosmic ocean and whose smile is as gentle as a blooming flower. He lives within the entire universe, shines with the brilliance of a hundred suns, holds the Mace and the Discus (Sudarshana Chakra), wears glittering yellow garments, and blesses everyone with His beautifully smiling face.

    Verse 3: The Carrier of Cosmic Burden

    रमाकण्ठहारं श्रुतिव्रातसारं जलान्तर्विहारं धराभारहारम्। चिदानन्दरूपं मनोज्ञस्वरूपं ध्रुतानेकरूपं भजेऽहं भजेऽहं॥3॥

    • सरल हिंदी अर्थ: जो देवी लक्ष्मी के गले के हार के समान उन्हें प्रिय हैं, जो सभी वेदों के परम सार हैं, जो जल के भीतर (मत्स्य अवतार आदि में) विहार करते हैं और पृथ्वी का भार हरने वाले हैं। जो शुद्ध आनंद स्वरूप हैं, जिनका रूप मन को मोह लेने वाला है और जिन्होंने संसार के कल्याण के लिए अनेक रूप धारण किए हैं, मैं उन श्रीहरि को भजता हूँ।
    • English Meaning: I worship Lord Hari, who is dear to Goddess Lakshmi like a necklace around her neck, and who is the ultimate essence of all Vedic scriptures. He sports playfully inside the cosmic waters, lightens the heavy burden of the Earth, embodies pure consciousness and bliss, possesses an enchanting form, and manifests in countless avatars.

    Verse 4: The Ageless Creator

    जराजन्महीनं परानन्दपीनं समाधानलीनं सदैवानवीनम्। जगज्जन्महेतुं सुरानीककेतुं त्रिलोकैकसेतुं भजेऽहं भजेऽहं॥4॥

    • सरल हिंदी अर्थ: जो जन्म और बुढ़ापे से रहित (अजन्मा) हैं, जो परम आनंद से परिपूर्ण हैं, जो हमेशा शांति और समाधि में लीन रहते हैं और जो हमेशा नए (सनातन) दिखाई देते हैं। जो इस संसार की उत्पत्ति के कारण हैं, जो देवताओं की सेना के रक्षक हैं और जो तीनों लोकों को जोड़ने वाले एकमात्र पुल हैं, मैं उन श्रीहरि को भजता हूँ।
    • English Meaning: I worship Lord Hari, who is free from birth and old age, overflowing with supreme bliss, and eternally absorbed in perfect tranquility. He is forever timelessly fresh, the ultimate cause of the universe’s creation, the banner of victory for the divine armies, and the bridge connecting the three worlds.

    Verse 5: The Remover of Sorrow

    कृताम्नायगानं खगाधीशयानं विमुक्तेर्निदानं हरारातिमानम्। स्वभक्तानुकूलं जगद्व्रुक्षमूलं निरस्तार्तशूलं भजेऽहं भजेऽहं॥5॥

    • सरल हिंदी अर्थ: वेद स्वयं जिनका गान करते हैं, जो पक्षीराज गरुड़ पर सवारी करते हैं, जो मोक्ष के एकमात्र दाता हैं और जो भगवान शिव के शत्रुओं का मान मर्दन करने वाले हैं। जो अपने भक्तों के लिए हमेशा अनुकूल (दयालु) रहते हैं, जो इस संसार रूपी वृक्ष की जड़ हैं और जो दुखियों के कष्टों को पूरी तरह नष्ट कर देते हैं, मैं उन श्रीहरि को भजता हूँ।
    • English Meaning: I worship Lord Hari, whose glories are sung by the Vedas, and who rides upon Garuda, the king of birds. He is the ultimate giver of liberation (Moksha) and humbles the enemies of Lord Shiva. He is always compassionate toward His devotees, stands as the very root of the cosmic tree of life, and completely destroys the pain of the suffering.

    Verse 6: The Divine Abode

    समस्तामरेशं द्विरेफाभकेशं जगद्विम्बलेशं ह्रुदाकाशदेशम्। सदा दिव्यदेहं विमुक्ताखिलेहं सुवैकुण्ठगेहं भजेऽहं भजेऽहं॥6॥

    • सरल हिंदी अर्थ: जो सभी अमर देवताओं के स्वामी हैं, जिनके बाल भौरों की तरह काले और चमकदार हैं, यह पूरा संसार जिनकी विशालता का एक छोटा सा अंश है और जो हृदय रूपी आकाश में रहते हैं। जिनका शरीर हमेशा दिव्य रहता है, जो सभी सांसारिक इच्छाओं से मुक्त हैं और जिनका घर पवित्र वैकुंठ धाम है, मैं उन श्रीहरि को भजता हूँ।
    • English Meaning: I worship Lord Hari, who is the Lord of all immortal gods, and whose dark hair shines like a swarm of honeybees. The entire universe is just a tiny reflection of His vastness; He resides in the subtle space of the human heart, possesses a divine spiritual body, remains detached from all worldly desires, and dwells in the magnificent Vaikuntha.

    Verse 7: The Fearless Warrior

    सुरालिबलिष्ठं त्रिलोकीवरिष्ठं गुरूणां गरिष्ठं स्वरूपैकनिष्ठम्। सदा युद्धधीरं महावीरवीरं महाम्भोधितीरं भजेऽहं भजेऽहं॥7॥

    • सरल हिंदी अर्थ: जो देवताओं में सबसे बलवान हैं, तीनों लोकों में सबसे श्रेष्ठ हैं, गुरुओं के भी गुरु हैं और जो अपने वास्तविक स्वरूप में ही स्थित रहते हैं। जो युद्ध में हमेशा धैर्यवान रहते हैं, जो महावीरों के भी वीर हैं और जो महासागर के तट पर (क्षीरसागर या जगन्नाथ पुरी आदि में) निवास करते हैं, मैं उन श्रीहरि को भजता हूँ।
    • English Meaning: I worship Lord Hari, who is the strongest among the gods, the most exalted in the three worlds, the supreme teacher among teachers, and perfectly established in His own true nature. He is ever-courageous in battle, the hero of all great heroes, and chooses the shores of the great ocean as His divine resting place.

    Verse 8: The Ultimate Truth

    रमावामभागं तलानग्रनागं कृताधीनयागं गतारागरागम्। मुनीन्द्रैः सुगीतं सुरैः संपरीतं गुणौधैरतीतं भजेऽहं भजेऽहं॥8॥

    • सरल हिंदी अर्थ: जिनके बाईं ओर साक्षात लक्ष्मी जी विराजमान हैं, जो शेषनाग के आसन पर लेटते हैं, जो निःस्वार्थ यज्ञों से प्रसन्न होते हैं और जो राग-द्वेष (मोह-माया) से बिल्कुल परे हैं। श्रेष्ठ मुनि जिनका सुंदर गान करते हैं, देवता जिनकी सेवा में घिरे रहते हैं और जो प्रकृति के तीनों गुणों (सत्व, रज, तम) से परे हैं, मैं उन श्रीहरि को भजता हूँ।
    • English Meaning: I worship Lord Hari, on whose left side sits Goddess Lakshmi, and who rests upon the great serpent Sheshnag. He accepts all selfless sacrifices, is entirely free from worldly attachments and passions, is beautifully praised by the greatest sages, is surrounded by celestial beings, and transcends all material qualities (Gunas).

    Phala Shruti: The Benefits of Chanting

    The final verse explains the spiritual “fruit” or reward of reading this hymn daily:

    इदं यस्तु नित्यं समाधाय चित्तं पठेदष्टकं कण्ठहारम् मुरारेः। स विष्णोर्विशोकं ध्रुवं याति लोकं जराजन्मशोकं पुनर्विन्दते नो॥9॥

    • सरल हिंदी अर्थ: जो भी व्यक्ति हर रोज शांत और एकाग्र मन से भगवान मुरारी (विष्णु) के इस आठ श्लोकों वाले स्तोत्र का पाठ करता है, वह इसे अपने गले का हार बना लेता है। वह निश्चित रूप से भगवान विष्णु के उस परम धाम (वैकुंठ) को जाता है जहाँ कोई शोक या दुख नहीं है, और उसे इस संसार में दोबारा जन्म, बुढ़ापे और मृत्यु के कष्टों को नहीं भोगना पड़ता।
    • English Meaning: Anyone who reads this eight-verse hymn (Ashtakam) dedicated to Murari (Vishnu) every day with a calm and focused mind will wear it like a spiritual necklace. They will undoubtedly reach the sorrowless realm of Lord Vishnu (Vaikuntha) and will never again suffer the grief of the cycle of birth, old age, and death.

    श्री हरि स्तोत्रम् के अचूक लाभ (Benefits)

    1. तनाव और एंग्जायटी से मुक्ति: इसके नियमित पाठ या श्रवण से मानसिक अशांति तुरंत दूर होती है और मन में सकारात्मक विचारों का संचार होता है।
    2. आर्थिक तंगी से छुटकारा: चूँकि भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी हमेशा विराजमान रहती हैं, इसलिए इस स्तोत्र का पाठ करने से घर में दरिद्रता दूर होती है और समृद्धि आती है।
    3. सेहत में सुधार: जो लोग लंबे समय से बीमार हैं या किसी अज्ञात भय से डरे हुए हैं, उनके लिए यह स्तोत्र एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।

    DOWNLOAD श्री हरि स्तोत्रम् PDF

    DOWNLOAD श्री हरि स्तोत्रम् PDF

    Complete Hari Strotram In Sanskrit

    ॥ श्री हरि स्तोत्रम् ॥

    जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालंशरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालं

    नभोनीलकायं दुरावारमायंसुपद्मासहायम् भजेऽहं भजेऽहं॥1॥

    सदाम्भोधिवासं गलत्पुष्पहासंजगत्सन्निवासं शतादित्यभासं

    गदाचक्रशस्त्रं लसत्पीतवस्त्रंहसच्चारुवक्त्रं भजेऽहं भजेऽहं॥2॥

    रमाकण्ठहारं श्रुतिव्रातसारंजलान्तर्विहारं धराभारहारं

    चिदानन्दरूपं मनोज्ञस्वरूपंध्रुतानेकरूपं भजेऽहं भजेऽहं॥3॥

    जराजन्महीनं परानन्दपीनंसमाधानलीनं सदैवानवीनं

    जगज्जन्महेतुं सुरानीककेतुंत्रिलोकैकसेतुं भजेऽहं भजेऽहं॥4॥

    कृताम्नायगानं खगाधीशयानंविमुक्तेर्निदानं हरारातिमानं

    स्वभक्तानुकूलं जगद्व्रुक्षमूलंनिरस्तार्तशूलं भजेऽहं भजेऽहं॥5॥

    समस्तामरेशं द्विरेफाभकेशंजगद्विम्बलेशं ह्रुदाकाशदेशं

    सदा दिव्यदेहं विमुक्ताखिलेहंसुवैकुण्ठगेहं भजेऽहं भजेऽहं॥6॥

    सुरालिबलिष्ठं त्रिलोकीवरिष्ठंगुरूणां गरिष्ठं स्वरूपैकनिष्ठं

    सदा युद्धधीरं महावीरवीरंमहाम्भोधितीरं भजेऽहं भजेऽहं॥7॥

    रमावामभागं तलानग्रनागंकृताधीनयागं गतारागरागं

    मुनीन्द्रैः सुगीतं सुरैः संपरीतंगुणौधैरतीतं भजेऽहं भजेऽहं॥8॥

    ॥ फलश्रुति ॥

    इदं यस्तु नित्यं समाधाय चित्तंपठेदष्टकं कण्ठहारम् मुरारेः

    स विष्णोर्विशोकं ध्रुवं याति लोकंजराजन्मशोकं पुनर्विन्दते नो॥

    People also read