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हे दुःख भंजन मारुति नंदन भजन लिरिक्स

    हे दुःख भंजन मारुति नंदन भजन लिरिक्स
    हे दुःख भंजन मारुति नंदन भजन लिरिक्स

    एक ऐसा भजन जिसे हरिओम शरण जी ने गाकर अमर कर दिया | हम बात कर रहे हैं हे दुःख भंजन मारुति नंदन भजन की | हनुमान जी का नाम लेते ही मन में एक अलग तरह का भरोसा आता है। मुश्किल समय में अक्सर इंसान सबसे पहले बजरंगबली को ही याद करता है। “हे दुःख भंजन मारुति नंदन” भी ऐसा ही भावपूर्ण हनुमान भजन है, जिसमें एक भक्त अपने मन की बात सीधे पवनपुत्र से कहता है।

    “सुन लो मेरी पुकार, पवनसुत विनती बारम्बार” — भजन की यह पंक्ति बार-बार आती है और यही इसकी सबसे खास बात है। भक्त को भरोसा है कि बजरंगबली उसकी पुकार सुनेंगे।

    अगर आप Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan Lyrics, Hey Dukh Bhanjan Bhajan या Hanuman Bhajan Lyrics खोज रहे हैं, तो यहां इस भजन के पूरे बोल पढ़ सकते हैं।

    मंगलवार हो या शनिवार, मंदिर में हनुमान जी की पूजा हो या घर पर सुबह-शाम भजन का समय, यह भजन श्रद्धा के साथ गाया और सुना जाता है।

    Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan Lyrics

    हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
    सुन लो मेरी पुकार ।
    पवनसुत विनती बारम्बार ॥

    हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
    सुन लो मेरी पुकार ।
    पवनसुत विनती बारम्बार ॥

    अष्ट सिद्धि, नव निधि के दाता,
    दुखिओं के तुम भाग्यविधाता ।
    सियाराम के काज सवारे,
    मेरा करो उद्धार ॥
    पवनसुत विनती बारम्बार ।

    हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
    सुन लो मेरी पुकार ।
    पवनसुत विनती बारम्बार ॥

    अपरम्पार है शक्ति तुम्हारी,
    तुम पर रीझे अवधबिहारी ।
    भक्तिभाव से ध्याऊं तोहे,
    कर दुखों से पार ॥
    पवनसुत विनती बारम्बार ।

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    हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
    सुन लो मेरी पुकार ।
    पवनसुत विनती बारम्बार ॥

    जपूँ निरंतर नाम तिहरा,
    अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा ।
    रामभक्त मोहे शरण मे लीजे,
    भाव सागर से तार ॥
    पवनसुत विनती बारम्बार ।

    हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
    सुन लो मेरी पुकार ।
    पवनसुत विनती बारम्बार ॥

    हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
    सुन लो मेरी पुकार ।
    पवनसुत विनती बारम्बार ॥

    Hey Dukh Bhanjan Bhajan का भाव

    इस भजन को पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे कोई भक्त अपनी परेशानी लेकर हनुमान जी के सामने बैठा हो। वह लंबी-चौड़ी बात नहीं करता, बस अपनी पुकार सुन लेने की विनती करता है।

    “मेरा करो उद्धार” और “कर दुखों से पार” जैसे शब्द इसी भरोसे को बताते हैं कि परेशानी चाहे कितनी भी बड़ी हो, भक्त अपने आराध्य का हाथ नहीं छोड़ना चाहता।

    भजन में हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता कहा गया है। साथ ही श्रीराम के प्रति उनकी भक्ति को भी याद किया गया है।

    “सियाराम के काज सवारे” कहते हुए भक्त उस हनुमान जी को याद करता है जिन्होंने अपना पूरा जीवन प्रभु श्रीराम की सेवा में लगा दिया।

    “अब नहीं छोड़ूं तेरा द्वारा”

    भजन की यह पंक्ति बहुत सीधी है, लेकिन दिल को छू जाती है—

    “अब नहीं छोड़ूं तेरा द्वारा।”

    भक्ति में यही तो बात है। जब अपनी तरफ से हर कोशिश करने के बाद भी मन परेशान हो जाए, तब इंसान भगवान के सामने अपना सिर झुका देता है।

    यहां भक्त भी हनुमान जी से यही कह रहा है कि अब आपका दरवाजा नहीं छोड़ूंगा। मुझे अपनी शरण में ले लीजिए।

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    “रामभक्त मोहे शरण में लीजे, भाव सागर से तार।”

    इन शब्दों में हनुमान जी के प्रति पूरा विश्वास दिखाई देता है।

    Pawan Sut Vinati Barambar

    “पवनसुत विनती बारम्बार” इस भजन की पहचान बन चुकी पंक्ति है। पवनसुत यानी पवनपुत्र हनुमान जी और विनती बारम्बार यानी बार-बार की गई प्रार्थना।

    भक्त यहां अपनी बात बहुत सरल शब्दों में कहता है—हे पवनपुत्र, मेरी प्रार्थना सुनिए और मुझे अपने चरणों में स्थान दीजिए।

    इसी वजह से Pawan Sut Vinati Barambar और Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan जैसे शब्दों से भी लोग इस Hanuman Bhajan को खोजते हैं।

    मंगलवार और शनिवार को सुनें हनुमान जी का भजन

    हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार को विशेष माना जाता है। इन दिनों बहुत से भक्त हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और दूसरे Hanuman Ji Bhajan सुनते हैं।

    Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan Bhajan भी पूजा या हनुमान जी के ध्यान के समय सुना जा सकता है। इसके लिए कोई खास दिखावा जरूरी नहीं है। श्रद्धा से भगवान का नाम लेना ही सबसे बड़ी बात है।

    कभी-कभी घर में भजन चल रहा होता है और हम अपना काम करते हुए भी उसे सुनते रहते हैं। ऐसे ही भजन धीरे-धीरे मन के बहुत करीब आ जाते हैं।

    हनुमान जी से एक छोटी-सी प्रार्थना

    हे बजरंगबली,
    जब मन घबराए तो विश्वास दीजिए।
    जब रास्ता समझ न आए तो सही दिशा दिखाइए।
    जब मुश्किल समय आए तो उसे पार करने की हिम्मत दीजिए।

    और सबसे बढ़कर, अपने भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखिए।

    पवनसुत, हमारी विनती बारम्बार स्वीकार कीजिए।

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    जय श्रीराम।
    जय हनुमान।
    जय बजरंगबली।

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