Janmashtami 2026 Krishna Bhajan: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व है। इस दिन मंदिरों से लेकर घरों तक भजन, कीर्तन, आरती और श्रीकृष्ण नाम-स्मरण का विशेष वातावरण रहता है। वर्ष 2026 में जन्माष्टमी का मुख्य पर्व 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की पूजा और जन्मोत्सव के साथ भजन-कीर्तन का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए यदि आप इस जन्माष्टमी घर पर भजन-कीर्तन की तैयारी कर रहे हैं या अपने YouTube चैनल के लिए Krishna Bhajan Playlist बनाना चाहते हैं, तो ये भजन आपकी सूची में जरूर होने चाहिए।
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जन्माष्टमी 2026 पर कौन-कौन से कृष्ण भजन सुनें?
हमने यहां बाल कृष्ण, राधा-कृष्ण, गोविंद, मुरलीधर और श्याम से जुड़े लोकप्रिय भजनों को एक साथ रखा है।
1. अच्युतम केशवम्
“अच्युतम केशवम् कृष्ण दामोदरम्” भगवान श्रीकृष्ण के सबसे लोकप्रिय भक्तिमय स्तुति गीतों में से एक है।
अच्युतम् केशवम् रामनारायणम्
कृष्णदामोदरम् वासुदेवम् हरिम्।
श्रीधरम् माधवम् गोपिकावल्लभम्
जानकीनायकम् रामचन्द्रम् भजे॥
अच्युतम् केशवम् सत्यभामाधवम्
माधवम् श्रीधरम् राधिकाराधितम्।
इन्दिरामन्दिरम् चेतसा सुन्दरम्
देवकीनन्दनम् नन्दजं सन्दधे॥
विष्णवे जिष्णवे शङ्खिने चक्रिणे
रुक्मिणीरागिणे जानकीजानये।
वल्लवीवल्लभायार्चितात्मने
कंसविध्वंसिने वंशिने ते नमः॥
कृष्ण गोविन्द हे राम नारायण
श्रीपते वासुदेवाजित श्रीनिधे।
अच्युतानन्त हे माधवाधोक्षज
द्वारकानायक द्रौपदीरक्षक॥
धेनुकारीष्टकानिष्टकृद्द्वेषिणम्
केशिहा कंसहृद्वंशिको वादकम्।
पूतनाकोपकः सूरजाखेलनो
बालगोपालकः पातु मां सर्वदा॥
विद्युदुद्योतवत्प्रस्फुरद्वाससं
प्रावृडम्भोदवत्प्रोल्लसद्विग्रहम्।
वान्यया मालया शोभितोरःस्थलं
लोहिताङ्घ्रिद्वयं वारिजाक्षं भजे॥
कुञ्चितैः कुन्तलैर्भ्राजमानाननम्
रत्नमौलिं लसत्कुण्डलं गण्डयोः।
हारकेयूरकं कङ्कणप्रोज्ज्वलं
किङ्किणीमञ्जुलं श्यामलं तं भजे॥
अच्युतस्याष्टकं यः पठेदिष्टदं
प्रेमतः प्रत्यहं पूरुषः सस्पृहम्।
वृत्ततः सुन्दरं कर्तृविश्वम्भरः
तस्य वश्यो हरिर्जायते सत्वरम्॥
जन्माष्टमी की सुबह पूजा, ध्यान और शाम की भक्ति के लिए इसे सुना जा सकता है। हाल की जन्माष्टमी 2026 की भजन सूचियों में भी यह प्रमुख रूप से शामिल है।
2. श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
“श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा”
यह कृष्ण भक्ति का अत्यंत लोकप्रिय भजन है। जन्माष्टमी की रात सामूहिक भजन-कीर्तन के लिए यह विशेष रूप से उपयुक्त है।
3. गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ
भगवान श्रीकृष्ण को प्रेमपूर्वक अपने पास बुलाने वाला यह भजन भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय है। जन्माष्टमी के अवसर पर इसे भजन संध्या में शामिल किया जा सकता है।
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ
मुखड़ा
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ,
मेरे आंगन में कान्हा, तुम आज चले आओ।
मुरली की मधुर तान सुनाओ,
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ॥
अंतरा 1
माखन की मटकी सजाई है,
फूलों से चौकी सजाई है।
नंदलाला बनकर आओ,
मन की प्यास बुझाओ।
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ॥
अंतरा 2
मोर मुकुट सिर पर सजाना,
हाथों में मुरली तुम लाना।
राधा संग मुस्काते आओ,
प्रेम की ज्योति जलाओ।
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ॥
अंतरा 3
यमुना तट की याद दिलाओ,
ब्रज की गलियों में फिर ले जाओ।
अपने चरणों में जगह दे दो,
श्याम मेरे कहलाओ।
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ॥
अंतरा 4
दुखियों के तुम नाथ हो कान्हा,
भटके मन के साथ हो कान्हा।
जिसने तुम्हें पुकारा दिल से,
उसका हाथ थामने आओ।
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ॥
अंतरा 5
आज जन्मदिन है नंदलाला,
सज गया देखो ब्रज का उजाला।
मध्यरात्रि जब जन्म तुम्हारा,
जय जयकार सुनाओ।
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ॥
समापन
राधे-राधे नाम तुम्हारा,
श्याम ही मेरा जग से प्यारा।
Vatsa Bhakti के इस आंगन में,
कान्हा आज पधारो।
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ,
मेरे आंगन में कान्हा, तुम आज चले आओ॥
4. गोविंदा गोपाला
गोपाल और गोविंद के नाम का स्मरण कराने वाला यह भजन कृष्ण नाम-संकीर्तन के लिए अच्छा विकल्प है।
5. राधिका गोरी से, बिरज की छोरी से
ब्रज की कृष्ण भक्ति और राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा यह लोकप्रिय भजन जन्माष्टमी और कृष्ण भजन कार्यक्रमों में खूब पसंद किया जाता है।
6. सजा दो घर को गुलशन सा
जन्माष्टमी पर घर और मंदिर को सजाने के साथ इस भजन को सुनने का अपना अलग ही आनंद है। हाल की 2026 की Radha Krishna Bhajan सूचियों में भी यह भजन प्रमुखता से सामने आया है।
7. अरे द्वारपालों, कन्हैया से कह दो
कृष्ण भक्ति में भाव और समर्पण से भरा यह भजन भक्तों के बीच लंबे समय से लोकप्रिय है। जन्माष्टमी की भजन संध्या के लिए इसे playlist में रखा जा सकता है।
8. गोपाला गोपाला, देवकी नंदन गोपाला
भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप और गोपाल रूप का स्मरण कराने वाला यह भजन जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष भक्तिमय वातावरण बनाता है।
9. जय जय राधा रमण हरि बोल
राधा-कृष्ण भक्ति और हरिनाम संकीर्तन के लिए यह बहुत सुंदर विकल्प है। रात के कीर्तन में इसे सामूहिक रूप से गाया जा सकता है।
10. मीठे रस से भी मीठा श्याम नाम लागे
कृष्ण नाम की मधुरता और भक्ति भाव को व्यक्त करने वाला यह लोकप्रिय भजन है। शांत वातावरण में सुनने के लिए इसे playlist में शामिल किया जा सकता है।
11. पकड़ लो हाथ बनवारी
भगवान कृष्ण के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव रखने वाला यह भजन भक्तों को भावुक कर देता है।
12. हरि सुंदर नंद मुकुंद
नंदलाल श्रीकृष्ण की स्तुति से जुड़ा यह भजन जन्माष्टमी के अवसर पर सुनने योग्य सुंदर भजनों में शामिल है।
13. कान्हा ले चल परली पार
कृष्ण से जीवन की कठिनाइयों में मार्गदर्शन और सहारा मांगने वाला भाव इस भजन को विशेष बनाता है।
14. जरा इतना बता दे कान्हा
कृष्ण से संवाद जैसा भाव रखने वाला यह भजन भक्तों के बीच लोकप्रिय है और भावपूर्ण कृष्ण भजन playlist में अच्छा लगता है।
15. राधे तेरे चरणों की अगर धूल जो मिल जाए
राधा रानी की भक्ति से जुड़ा यह भजन जन्माष्टमी की Radha-Krishna Bhajan Playlist में शामिल किया जा सकता है।
16. कान्हा बस एक नजर मुझपे डाल दे
कृष्ण की कृपा और दर्शन की इच्छा को व्यक्त करने वाला भावपूर्ण भजन।
17. दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार
यह भजन भगवान के चरणों में शरण और समर्पण के भाव को सामने रखता है। कृष्ण भक्ति की भावपूर्ण playlist के लिए यह अच्छा विकल्प है।
18. राम कृष्ण हरि मुकुंद मुरारी
हरि नाम के संकीर्तन से जुड़ा यह भजन भक्ति कार्यक्रम और सामूहिक कीर्तन के लिए उपयुक्त है।
19. गोविंद बोलो, हरि गोपाल बोलो
सरल शब्दों में भगवान के नाम का स्मरण कराने वाला यह भजन सामूहिक कीर्तन के लिए विशेष रूप से अच्छा है।
20. नाम है तेरा तारन हारा
भगवान के नाम और उनकी शरण के भाव को व्यक्त करने वाला लोकप्रिय भजन।
21. राधा ढूंढ रही, किसी ने मेरा श्याम देखा
राधा-कृष्ण प्रेम और विरह भाव से जुड़ा यह भजन Krishna-Radha Bhajan Playlist का सुंदर हिस्सा बन सकता है।
जन्माष्टमी पर भजन सुनने का सही समय कौन सा है?
जन्माष्टमी के दिन आप सुबह पूजा के समय शांत कृष्ण भजन सुन सकते हैं। शाम के समय राधा-कृष्ण भजन और कीर्तन का आयोजन किया जा सकता है।
रात में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के समय “श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी”, “गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो”, “अच्युतम केशवम्” जैसे भजनों से वातावरण भक्तिमय बनाया जा सकता है।
2026 में निशीथ पूजा का समय स्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए पूजा और व्रत के समय के लिए अपने स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित रहेगा। विभिन्न प्रकाशित पंचांग-संदर्भों में 4 सितंबर की रात मध्यरात्रि के आसपास निशीथ पूजा का समय बताया गया है।
जन्माष्टमी 2026 की भजन Playlist कैसे बनाएं?
अगर आप घर पर जन्माष्टमी की पूरी रात भजन सुनना चाहते हैं, तो playlist को इस क्रम में रख सकते हैं:
शुरुआत — शांत भक्ति
- अच्युतम केशवम्
- श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
- हरि सुंदर नंद मुकुंद
- मीठे रस से भी मीठा श्याम नाम लागे
शाम — राधा-कृष्ण भक्ति
- राधिका गोरी से
- सजा दो घर को गुलशन सा
- जय जय राधा रमण हरि बोल
- राधे तेरे चरणों की अगर धूल जो मिल जाए
कृष्ण जन्मोत्सव — कीर्तन
- गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो
- गोविंद चले आओ गोपाल चले आओ
- गोपाला गोपाला
- अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो
जन्म के बाद — उत्सव
- श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
- पकड़ लो हाथ बनवारी
- नाम है तेरा तारन हारा
- कान्हा बस एक नजर मुझपे डाल दे
जन्माष्टमी 2026: कृष्ण भजन से सजाएं भक्तिमय रात
जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव ही नहीं, बल्कि उनके नाम, लीलाओं और भक्ति को याद करने का अवसर भी है। घर में छोटा सा पूजा स्थल सजाकर, बाल गोपाल को झूले में विराजमान करके और मधुर कृष्ण भजनों के साथ जन्मोत्सव मनाया जा सकता है।
यदि आप इस वर्ष जन्माष्टमी पर भजन सुनने की योजना बना रहे हैं, तो ऊपर दिए गए भजनों से अपनी Krishna Bhajan Playlist 2026 तैयार कर सकते हैं।
राधे-राधे! जय श्री कृष्ण!