भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों में एक ऐसा उत्सव भी है जो केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है, यह है Bada Mangal, जो खासतौर पर Lucknow की पहचान बन गया है। ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को मनाया जाने वाला यह हनुमान जी को समर्पित पर्व पूरे शहर को भक्ति और मानव सेवा के रंग में रंग देता है। आज हम बात करेंगे Bada mangal 2026 लखनऊ की | बड़ा मंगल का दिन लखनऊ और उसके आस पास के क्षेत्रो कोहनुमान जी की भक्ति के अलग ही रंग में रंग देता है

इस बार 8 बड़ा मंगल क्यों हैं खास? जानिए 2026 की सभी तिथियां
हनुमान भक्तों के लिए खुशखबरी: 2026 में 8 बड़ा मंगल, जानें कब-कब पड़ेंगे : ज्येष्ठ महीना इस बार विशेष महत्व लेकर आ रहा है। वर्ष 2026 में यह माह 2 मई से प्रारंभ होकर 29 जून तक चलेगा। अधिकमास के कारण इसकी अवधि सामान्य से अधिक रहने वाली है, जिससे भक्तों को पूजा, जप और भक्ति के लिए अतिरिक्त समय और अवसर मिलेंगे।
इस बार एक दुर्लभ धार्मिक संयोग भी बन रहा है, जिसके चलते पूरे आठ मंगलवार पड़ेंगे। इन सभी मंगलवारों को Bada Mangal या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाएगा। यह स्थिति कई वर्षों बाद बन रही है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार भगवान Hanuman जी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। इस दौरान श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा-अर्चना विशेष फल प्रदान करती है। माना जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से हनुमान जी की भक्ति करते हैं, उनके जीवन के कष्ट धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं और सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
वर्ष 2026 में बड़ा मंगल की तिथियां इस प्रकार हैं:
- पहला बड़ा मंगल – 5 मई 2026
- दूसरा बड़ा मंगल – 12 मई 2026
- तीसरा बड़ा मंगल – 19 मई 2026
- चौथा बड़ा मंगल – 26 मई 2026
- पांचवां बड़ा मंगल – 2 जून 2026
- छठा बड़ा मंगल – 9 जून 2026
- सातवां बड़ा मंगल – 16 जून 2026
- आठवां बड़ा मंगल – 23 जून 2026
इस बार लंबी अवधि और आठ मंगल पड़ने के कारण भक्तों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना जा रहा है।
बड़ा मंगल क्या है?
Lucknow बड़ा मंगल भगवान Hanuman जी को समर्पित एक विशेष पर्व है, जो ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार को मनाया जाता है। भारत में मंगलवार हनुमान जी का दिन माना जाता है, लेकिन लखनऊ में यह दिन “बड़ा मंगल” के रूप में एक भव्य और अनूठे आयोजन में बदल जाता है। इस दिन हजारों-लाखों श्रद्धालु हनुमान मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और अपने जीवन के कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। “संकटमोचन” के रूप में पूजे जाने वाले हनुमान जी को इस दिन विशेष रूप से प्रसन्न करने का प्रयास किया जाता है।

मंदिरों के अलावा लखनऊ के हर मोहल्ले , चौराहे , प्रमुख प्रतिष्ठानों पर बड़ा मंगल मनाया जाता है | सबसे अच्छी बात ये है कि लखनऊ के बड़ा मंगल हनुमान जी के भंडारे में अमीर , गरीब सब प्रसाद पाते हैं | गर्मी की दोपहर की चिलचिलाती धुप भी लखनऊ वासियों को उनके हनुमान जी के भक्ति भाव से विमुख नहीं कर पाती है
बड़ा मंगल का इतिहास
बड़ा मंगल की परंपरा का संबंध नवाबी दौर से जोड़ा जाता है। एक प्रचलित कथा के अनुसार, अवध के नवाब Nawab Saadat Ali Khan की बेगम को संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी। उन्होंने हनुमान जी की भक्ति की और मनोकामना पूरी होने पर बड़े स्तर पर भंडारा कराया। इसी घटना के बाद से बड़ा मंगल की परंपरा शुरू हुई और धीरे-धीरे यह लखनऊ का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव बन गया।
यह इतिहास इस बात का प्रमाण है कि यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द का भी प्रतीक है।
धार्मिक महत्व और मान्यता
बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन श्रद्धालु यह मानते हैं कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है। हनुमान जी को बल, बुद्धि और भक्ति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन लोग अपने जीवन में शक्ति, सफलता और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं।
कई भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, मंदिरों में जाकर प्रसाद चढ़ाते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। यह दिन आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का भी अवसर होता है।
लखनऊ के प्रमुख हनुमान मंदिर
बड़ा मंगल के दिन लखनऊ के कई प्रमुख मंदिरों में भारी भीड़ होती है। इनमें सबसे प्रमुख हैं:
Aliganj Hanuman Temple – यह मंदिर सबसे प्रसिद्ध है और यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है कि यहां की गई प्रार्थना अवश्य पूरी होती है।
Hanuman Setu Temple – गोमती नदी के किनारे स्थित यह मंदिर युवाओं और छात्रों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है।
Aminabad Hanuman Temple – पुराने लखनऊ का यह मंदिर अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।
भंडारा:- सेवा की सबसे बड़ी पहचान
बड़ा मंगल की सबसे बड़ी खासियत है इस दिन होने वाला भंडारा। शहर की लगभग हर सड़क और मोहल्ले में मुफ्त भोजन वितरण के स्टॉल लगाए जाते हैं। यह केवल भोजन देने का कार्य नहीं, बल्कि सेवा और दान की भावना का प्रतीक है।
भंडारे में पूड़ी-सब्जी, हलवा, चना, शरबत और ठंडा पानी वितरित किया जाता है। खास बात यह है कि इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होता—हर व्यक्ति को समान भाव से सेवा दी जाती है।
हर चौराहे पर हनुमान चालीसा , बजरंग बाण जैसे भक्ति गीत लगातार बजाये जाते हैं | मैं जब पहली बार लखनऊ आया था तो मुझे बहुत हैरानी हुयी ये देख कर कि जेठ की दोपहरी भक्ति और भक्तों के सामने कैसे घुटने टेक देती है
यह परंपरा समाज में समानता, सहयोग और इंसानियत की भावना को मजबूत करती है।
ट्रैफिक और प्रशासन की व्यवस्था
बड़ा मंगल के दिन लखनऊ में भारी भीड़ के कारण प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी पड़ती है। कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाता है और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाता है।
इस दिन बाहर निकलने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सुबह जल्दी यात्रा करें, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें।
आधुनिक समय में बड़ा मंगल
समय के साथ Lucknow बड़ा मंगल का स्वरूप और भी भव्य होता जा रहा है। अब यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्सव बन चुका है। बड़े-बड़े संगठन और व्यापारी भंडारे का आयोजन करते हैं और डिजिटल माध्यमों से भी इस पर्व को व्यापक रूप से साझा किया जाता है।
सोशल मीडिया पर लाइव दर्शन, वीडियो और फोटो के माध्यम से यह पर्व अब वैश्विक स्तर पर भी पहचान बना रहा है।
सामाजिक एकता का प्रतीक
बड़ा मंगल की सबसे सुंदर विशेषता यह है कि इसमें सभी धर्मों और समुदायों के लोग भाग लेते हैं। लखनऊ की गंगा-जमुनी तहजीब इस दिन अपने चरम पर होती है।
मुस्लिम, सिख और अन्य समुदायों के लोग भी भंडारा लगाते हैं और सेवा कार्यों में भाग लेते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि धर्म से ऊपर इंसानियत है और सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
Bada Mangal Lucknow केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का एक जीवंत उदाहरण है। Lucknow इस दिन वास्तव में एक आध्यात्मिक केंद्र बन जाता है, जहां हर व्यक्ति भक्ति और सेवा के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ता है।
यदि आपने कभी बड़ा मंगल का अनुभव नहीं किया है, तो इसे एक बार अवश्य देखें। यह न केवल आपकी आस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आपको मानवता और सेवा का सच्चा अर्थ भी समझाएगा।
तो अगर इस बार आप ज्येष्ठ महीने के किसी भी बड़े मंगल दे दिन लखनऊ में हैं तो ये प्रसाद ज़रूर ग्रहण करिये | प्रभु हनुमान की कृपा बनी रहे